RSSB 4th Grade Vibhag Avantan List Dobara Court News: राजस्थान 4th ग्रेड विभाग आवंटन लिस्ट रद्द देखें खबर

RSSB 4th Grade Vibhag Avantan List Dobara Court News Rajasthan 4th Grade Department Allocation 2026: विभाग आवंटन लिस्ट पर कोर्ट सख्त, 16 जुलाई को होगी अहम सुनवाई ।

RSSB 4th Grade Vibhag Avantan List Dobara Court News क्या हैं खबर

राजस्थान 4th ग्रेड भर्ती 2026 में विभाग आवंटन (Department Allocation) को लेकर नया विवाद सामने आया है। विभाग आवंटन लिस्ट जारी होने के बाद कई अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया है कि अच्छी रैंक होने के बावजूद उन्हें मनचाहा विभाग नहीं मिला, जबकि उनसे कम रैंक वाले अभ्यर्थियों को बेहतर विभाग आवंटित कर दिया गया। इसी मामले को लेकर एक अभ्यर्थी ने राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।

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अब इस मामले में कोर्ट ने सुनवाई करते हुए 16 जुलाई को अगली सुनवाई तय की है और संबंधित विभाग से जवाब भी मांगा है। इस खबर के बाद हजारों चयनित अभ्यर्थियों की नजरें अब हाईकोर्ट की आगामी सुनवाई पर टिकी हुई हैं।

RSSB 4th Grade Vibhag Avantan List Dobara Court News क्या है पूरा मामला?

अभ्यर्थियों का कहना है कि विभाग आवंटन प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से नहीं की गई। उनका आरोप है कि विभागों का आवंटन रैंक और मेरिट के अनुरूप होने के बजाय रैंडम तरीके से किया गया, जिससे कई योग्य अभ्यर्थियों को उनकी अपेक्षा के अनुरूप विभाग नहीं मिला।

याचिका में यह भी मांग की गई है कि विभाग आवंटन की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की जाए और यदि अनियमितता पाई जाती है तो नई विभाग आवंटन सूची जारी की जाए।

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RSSB 4th Grade Vibhag Avantan List Dobara Court News कोर्ट ने क्या कहा?

राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रारंभिक सुनवाई के दौरान मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित विभाग से जवाब मांगा है। साथ ही अगली सुनवाई की तारीख 16 जुलाई निर्धारित की गई है।

अब कोर्ट में विभाग की ओर से यह स्पष्ट किया जाएगा कि विभाग आवंटन किस प्रक्रिया के तहत किया गया और क्या मेरिट व निर्धारित नियमों का पालन किया गया था या नहीं।

RSSB 4th Grade Vibhag Avantan List Dobara Court News उम्मीदवारों की क्या मांग है?

पीड़ित अभ्यर्थियों का कहना है कि विभाग आवंटन पूरी तरह मेरिट आधारित होना चाहिए। उनका तर्क है कि यदि किसी अभ्यर्थी की रैंक बेहतर है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर विभाग मिलना चाहिए।

अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं—

  • विभाग आवंटन प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच हो।
  • मेरिट के अनुसार दोबारा विभाग आवंटन सूची जारी की जाए।
  • सभी चयनित अभ्यर्थियों को समान अवसर दिया जाए।
  • पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए।
16 जुलाई की सुनवाई क्यों महत्वपूर्ण?

16 जुलाई की सुनवाई इस मामले में बेहद अहम मानी जा रही है। यदि कोर्ट विभाग से संतोषजनक जवाब नहीं पाता है तो आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए जा सकते हैं। वहीं यदि प्रक्रिया में किसी प्रकार की त्रुटि सामने आती है तो विभाग आवंटन सूची में संशोधन या नई सूची जारी करने जैसे निर्देश भी दिए जा सकते हैं।

हालांकि अंतिम फैसला कोर्ट की सुनवाई और प्रस्तुत तथ्यों के आधार पर ही होगा।

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